Friday, February 6, 2015

Time of Marriage - विवाह की सम्भावित अवधि


 
                                                गोपाल राजू (वैज्ञानिक)
(राजपत्रित अधिकारी) अ.प्रा.
30, सिविल लाईन्स
रूड़की 247667 (उ.ख.)


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    विवाह काल की सम्भावित अवधि की गणनाएं अनेक विधाओं द्वारा ज्योतिष मर्मज्ञ अपनी-अपनी तरह से कर रहे हैं। फलादेश कितने सटीक बैठ रहे हैं, यहॉ एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है? स्पष्ट है कि एक विवाह विशेष की गणना के लिए विधियॉ भी अनेक प्रकार की होंगी। गणना के लिए कौन सी विधि अपनाएं, यहॉ भी बहुत बड़ा एक प्रश्न चिन्ह है? ज्योतिष जगत में सामान्यतः प्रचलित कुछ योग यहॉ प्रस्तुत हैं। पाठक मनन करें कि वह स्वयं कौन सी विधि विवाह की सम्भावित अवधि के लिए अपना रहे हैं। परिणाम में एक, दो नहीं बल्कि अनेक संभावित समय विवाह काल के लिए निकलेंगे।

Meditation - मैडिटेशन बनाता है हमें जवान

Monday, February 2, 2015

मूल नक्षत्र हर दशा में अरिष्ट कारक नहीं होते


Mook Nakshatra

मानसश्री गोपाल राजू (वैज्ञानिक)



राशि और नक्षत्र दोनों जब एक स्थान पर समाप्त होते हैं तब यह स्थित गण्ड नक्षत्र कहलाती है और इस समापन स्थिति से ही नवीन राशि और नक्षत्र के प्रारम्भ होने के कारण ही यह नक्षत्र मूल संज्ञक नक्षत्र कहलाते हैं।